पता: मथुरा
गोविन्दस्वामी वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में एक थे। इनका जन्म भरतपुर के आँतरी (वर्तमान अटारी) गाँव में अगहन कृष्णा नौमी (मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष नवमी) संवत् १५६२ तदनुसार सन 1505 ई. में हुआ था।
पता: मथुरा
ब्रज में संरक्षित बनखंडो के रूप में कुछ कदंबखंडियाँ थी, जहाँ बहुत बड़ी संख्या में कदंब के वृक्ष लगाये गये थे। उन रमणीक और सुरभित उपबनों के कतिपय महात्माओं का निवास था।
पता: मथुरा
गोवर्धन स्थित निज ग्राम गाँठोली में अपने सखा ग्वालबालों-ब्रज गोपियों के सानिध्य में गोवर्धन पूजा कर सबकी सुख-समृद्धि व आरोग्य की कामना की है।
पता: मथुरा
नंदगाँव भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा ज़िले में स्थित एक ऐताहिसक नगर है। परंपरा है कि श्री कृष्ण का पालन-पोषण नंदगांव में वसुदेव के चचेरे भाई नन्द बाबा नामक अहीर के घर हुआ था।
पता: मथुरा
करहला गांव श्री राधारानी की आठ करीबी महिला सखियों (अष्टसखियों) में से एक चंपकलता सखी का गृह नगर है। यह बरसाना के पास है, विशाखा सखी के गांव कामई से ज्यादा दूर नहीं है।