षोडश ग्रंथ

वाद

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1.पत्रावलम्बनम् श्रीमहाप्रभुजी (श्री वल्लभाचार्य जी)

पता: श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा

(श्री वल्लभाचार्य जी) की वाङ्मय परंपरा में एक विशेष स्थान रखता है। यह शब्द उनके द्वारा रचित ग्रंथों या शिक्षाओं में "श्रीमहाप्रभुजी के लिखित पत्रों के माध्यम से दी गई शिक्षाओं" को संदर्भित करता है।