यहां आपने तीन दिन तक भागवत पारायण किया।
यहां श्री दामोदरदास हरसानी को अर्धरात्रि के समय श्रीमहाप्रभुजी ने पुरूषोत्तम क्रांति स्वरूप के दर्शन दिये और देखा कि श्री स्वामिनीजी को मानमोचन के बाद श्रीमहाप्रभुजी श्रीनाथजी के पास पधराकर ला रहे हैं । तत्पश्चात