श्री नन्दगाँव के चरण पहाड़ी (नंदीश्वर पर्वत) पर श्रीकृष्ण के चरण चिन्ह अंकित हैं । गोचारण के समय श्री कृष्ण ने लक्ष-लक्ष गायों को एकत्रित करने के लिए इस नंदीश्वर पर्वत के ऊपर चढ़ कर वंशी वादन किया था । वंशी के करुण और मधुर स्वरसे इस पर्वत की शिलायें गल गई